पसान नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष अजय यादव एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। राजनीतिक घमासान और अविश्वास प्रस्ताव की चर्चाओं के बीच अब जमुना के एक टेंट संचालक ने उन पर ठेकेदारी के नाम पर काम कराने और चार लाख रुपये से अधिक का भुगतान दबाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले में पीड़ित टेंट संचालक ने भालूमाड़ा थाने के साथ ही पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर अनूपपुर को लिखित शिकायत दी है।
शिकायतकर्ता रवि टेंट हाउस के संचालक रवि कुमार रैदास ने बताया कि उपाध्यक्ष अजय यादव ने अपने चचेरे भाई आजाद यादव के नाम से टेंडर डलवाया था। इसके माध्यम से जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच नगर पालिका में टेंट के कुल 11 कार्य कराए गए। संचालक का आरोप है कि नगर पालिका से भुगतान की राशि आजाद यादव के खाते में आ चुकी है, लेकिन उपाध्यक्ष ने केवल 4 कार्यों का पैसा दिया और शेष 7 कार्यों के करीब 4 लाख 30 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये एफडीआर की जमानत राशि देने से साफ इनकार कर दिया है। पिछले पांच महीने से भुगतान के लिए चक्कर कटवाए जा रहे हैं और मांगने पर अपशब्द बोलकर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं।
विवाद बढ़ने पर टेंट संचालक ने गत 2 अक्टूबर को अपनी मां के साथ मिलकर क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री बिसाहुलाल सिंह से गुहार लगाई थी। संचालक के मुताबिक विधायक द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद उपाध्यक्ष ने पहले तो फोन पर जमकर खरी-खोटी सुनाई और धमकी दी, लेकिन बाद में तीन दिन के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया जो अब तक कोरा साबित हुआ है।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद उपाध्यक्ष अजय यादव के उस दावे की पोल खुलती नजर आ रही है जिसमें वे खुद या अपने किसी भी रिश्तेदार के नाम से नगर पालिका में कोई भी ठेका या निर्माण कार्य न कराने की बात कहते रहे हैं। टेंट संचालक के इन गंभीर आरोपों ने पसान की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस संबंध में भालूमाड़ा थाना प्रभारी राधिका भगत ने बताया कि शिकायत मिल गई है जिसे जांच में लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





