मुख्य सचिव ने राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में आपदा प्रबंधन परियोजनाओं की समीक्षा की—
लंबित कार्यों में तेजी लाने एवं समयबद्ध स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश
जयपुर। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित राज्य कार्यकारी समिति (SEC) की बैठक मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह तथा आपदा प्रबंधन, राहत और नागरिक सुरक्षा विभाग श्री भास्कर सावंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। श्री भास्कर सावंत ने विस्तृत पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समिति की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने, निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्वीकृतियां समयबद्ध जारी करने तथा विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी—
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी 41 जिलों में लाइटनिंग अरेस्टर स्थापित करने के लिए 130 करोड़ रुपये तथा आठ जिलों के 10 प्रमुख बांधों में अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 10 चयनित जिलों में शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन के लिए 570 करोड़ रुपये और फार्म पॉण्ड एवं सिंचाई पाइपलाइन निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। जयपुर शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना के तहत वित्तीय प्रस्ताव सहित अन्य बाढ़ न्यूनीकरण परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी गई।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर—
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को लंबित प्रस्तावों एवं वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों को निर्धारित समयावधि में प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।





