गाय की मौत के बाद परिवार में दहशत, 18 लोगों ने लगवाए रेबीज के टीके
कुत्ते के काटने के बाद गाय की बिगड़ी थी हालत, मौत के बाद परिवार ने लिया एहतियाती कदम
जरीफनगर थाना क्षेत्र के धर्मपुर टप्पा वैस गांव का मामला, पशु उपचार में लापरवाही के आरोप; पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
बदायूं। जिले के थाना जरीफनगर क्षेत्र के धर्मपुर टप्पा वैस गांव में एक गाय की मौत के बाद परिवार में रेबीज संक्रमण की आशंका को लेकर चिंता फैल गई। गाय का दूध पीने वाले परिवार के 18 सदस्य शुक्रवार को दहगवां अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने चिकित्सकीय सलाह के तहत रेबीज से बचाव के टीके लगवाए। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल बताए जा रहे हैं।
गाय के मालिक विनोद कुमार का आरोप है कि 20 सितंबर को उनकी गाय को एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद गाय के उपचार के लिए 500 रुपये लेकर इंजेक्शन लगाए जाने की बात कही गई, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को गाय की मौत हो गई। इसके बाद परिवार के सदस्यों में संक्रमण की आशंका को लेकर डर बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर टीकाकरण कराया।
विनोद कुमार ने पशु के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार की ओर से टीके लगवाने वाले 18 सदस्यों की सूची भी पुलिस को सौंपे जाने की बात कही गई है।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
मामले में सीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पशु के उपचार में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी: विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में केवल दूध पीने से रेबीज फैलने का जोखिम बेहद कम माना जाता है। हालांकि, यदि संक्रमित पशु की लार किसी खुले घाव या आंख, नाक अथवा मुंह की झिल्ली के संपर्क में आने की आशंका हो, तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। परिवार के सदस्यों को टीकाकरण की आवश्यकता और आगे की खुराक के संबंध में डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए।





