जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण कर चिकित्सालय में भर्ती गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। जिलाधिकारी ने प्रसूता एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य तथा अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।उल्लेखनीय है कि गर्भवती श्रीमती रानी, उम्र लगभग 20 वर्ष, का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम पाए जाने के कारण उन्हें एक दिन पूर्व उच्च चिकित्सा संस्थान, मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। दिनांक 29 सितंबर 2026 को सायं लगभग 8:30 बजे परिजन उन्हें प्रसव हेतु पुनः जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। अस्पताल स्टाफ द्वारा उनकी स्थिति को देखते हुए प्रसव हेतु पुनः उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया।
इसी दौरान परिवारीजन वाहन की प्रतीक्षा किए बिना गर्भवती महिला को लेकर पैदल अस्पताल परिसर से बाहर जाने लगे। अस्पताल के मुख्य गेट के समीप ही प्रसव प्रारंभ हो गया। प्रकरण की सूचना प्राप्त होते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तत्काल लगभग 8:45 बजे मौके पर पहुंचकर परिवारीजनों को रोकते हुए प्रसूता को पुनः जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय देखरेख में भर्ती कराया गया तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्साधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज एवं विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुरूप समयबद्ध एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, रेफर किए जाने वाले मरीजों के संबंध में आवश्यक समन्वय एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रकरण में उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए संबंधित दोषियों को चिन्हित कर त्वरित कार्यवाही की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों की सुरक्षा एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।वर्तमान में प्रसूता एवं नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकीय निगरानी में हैं। भदोही से शीतल श्रीवास्तव की रिपोर्ट






