ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को शुद्ध, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, जलापूर्ति व्यवस्था, आईजीआरएस शिकायतों तथा परियोजनाओं के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान परियोजनाओं की धीमी प्रगति एवं कार्यों में अपेक्षित सुधार न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं वेलस्पन एवं मेसर्स जी.ए. इंफ्रा के प्रतिनिधियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराते हुए ग्रामीण परिवारों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना कार्यदायी संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी है।जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कें खोदकर कार्य पूर्ण करने के बाद उनकी बहाली में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया कि जिन मार्गों एवं सड़कों को पाइपलाइन बिछाने अथवा अन्य निर्माण कार्यों के कारण क्षति पहुंची है, उनका प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। भदोही से शीतल श्रीवास्तव की रिपोर्ट





