संदीप मौर्य✍️
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। एफआईआर निरस्त कराने और अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद युगलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब मामले में अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार है।
जमीन के सौदे में भूमिका से इनकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त में नेहा पच्चीसिया की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। अधिवक्ताओं के अनुसार, जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी और इस सौदे के सिलसिले में क्षितिज राज पात्रे ने उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की थी। बचाव पक्ष का कहना है कि नेहा पच्चीसिया के खाते से जमीन के सौदे के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया और उनकी संलिप्तता साबित करने वाला ठोस साक्ष्य भी नहीं है।
इन्हीं आधारों पर बचाव पक्ष ने एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत देने का अनुरोध किया है। हालांकि, ये दलीलें बचाव पक्ष का पक्ष हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
हत्या के मामले से जुड़ा है विवाद
पूरा प्रकरण कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि निर्धारित समय-सीमा में चालान पेश नहीं होने के कारण हत्या के आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिला था। इसके बाद कथित लापरवाही या सांठगांठ के बदले संबंधित आरोपियों की जमीन एक एजेंट के नाम पर कम कीमत में खरीदे जाने के आरोप सामने आए।
इसी घटनाक्रम को लेकर कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
अब फैसले का इंतजार
मामले में हाईकोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत की मांग पर क्या निर्णय लिया गया। फिलहाल फैसला सुरक्षित होने के कारण नेहा पच्चीसिया को राहत मिली है या नहीं, इस पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।





