भारी बारिश में SH-25 का पैच वर्क… सूरजगढ़ माइंस पर फिर उठे सवाल!*
परलकोट की लाइफलाइन कही जाने वाली SH-25 पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है। सूरजगढ़ माइंस से जुड़े भारी वाहनों के आवागमन और सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों के आक्रोश के बाद परलकोट सुरक्षा समिति ने 7 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया।
विधायक के आश्वासन के बाद धरना स्थगित हुआ और सड़क की मरम्मत को लेकर उम्मीद जगी।
लेकिन अब सामने आई तस्वीरें एक बार फिर सवाल खड़े कर रही हैं। भारी बारिश के बीच SH-25 पर पैच वर्क और रिपेयरिंग का काम किया जा रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर हो रहे इस काम को देखकर लोग पूछ रहे हैं—आखिर इतनी भी क्या जल्दी है कि बारिश के बीच ही सड़क का काम करना पड़ रहा है?
क्या इस मौसम में किया जा रहा पैच वर्क टिकाऊ होगा? परलकोट क्षेत्र के कुछ दलालों द्वारा सूरजगढ़ माइंस का तारीफ एवं बहवाही किया जा रहा है,आखिर सूरजगढ़ माइंस के द्वारा परलकोट क्षेत्र के कितने लोगों को स्थाई नौकरी दिया गया है,ये सबसे पहले जानने का जरूरत है ,क्या सभी माइंस के कर्मचारी को अपरमेंट लेटर दिया गया है,अगर नहीं दिया गया है तो कब तक दिया जाएगा,कुछ दलाल ऐसा है कि अपनी निजी स्वार्थ के लिए महाराष्ट्र के सूरजगढ़ माइंस का तारीफ करते है, सूरजगढ़ माइंस द्वारा ऐसे पैच रिपेयरिंग किया जा रहा है कि जैसे सोचो को की मन्नत मांगें को पूरा कर रहा है,इससे सड़क की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा, या कुछ समय बाद हालात फिर जस के तस हो जाएंगे?
“सवाल सिर्फ इस बात का नहीं कि बारिश में सड़क पर पैच वर्क क्यों किया जा रहा है, सवाल यह है कि क्या गीली सतह पर किया गया यह काम निर्धारित तकनीकी मानकों के मुताबिक टिकाऊ होगा?






