फर्जी अभिलेखों से पिता को मृतक दिखा नौकरी पाने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में पिता को मृत दिखा बेटे ने हासिल की शिक्षक की नौकरी
पिता को मृत दिखा मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने का आरोप
फर्जी अभिलेखों से 24 साल पहले पिता को दिखाया था मृत
पिता के नाम जमीन का बैनामा होने पर खुला मामला
2014 में तथाकथित मृतक के नाम हुआ जमीन का बैनामा।
शिकायतकर्ता ने डिप्टी सीएम, शिक्षा निदेशक, BSA और BEO से की शिकायत
2002 में शिक्षक श्रीराम को मृत बताकर बेटे रामबरन ने पाई थी नौकरी
वर्तमान में हिलौली के खेरवा उ0 प्रा0 वि0 में शिक्षक के पद पर तैनात हैं रामबरन
सेवा पुस्तिका में दर्ज हस्ताक्षर और जमीन के बैनामे के हस्ताक्षर – अंगूठे के निशान मिलाने की मांग
BSA मामले की जाँच में जुटे
उन्नाव में सरकारी अभिलेखों में पिता को मृत दिखाकर बेटे द्वारा मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत उपमुख्यमंत्री, शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी से कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बीएसए स्तर से मामले की जांच शुरू किए जाने की बात सामने आई है।शिकायत के अनुसार वर्ष 2002 में शिक्षक श्रीराम को मृत दर्शाकर उनके बेटे रामबरन को मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी दिलाई गई थी। आरोप है कि इसके लिए संबंधित अभिलेखों में श्रीराम को मृत दिखाया गया। वर्तमान में रामबरन हिलौली विकासखंड के खेरवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हैं।मामला उस समय सामने आया, जब वर्ष 2014 में कथित रूप से मृत दर्शाए गए श्रीराम के नाम जमीन का बैनामा हुआ। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन के बैनामे में श्रीराम के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान मौजूद हैं। इसी आधार पर सरकारी सेवा पुस्तिका में दर्ज हस्ताक्षर और जमीन के बैनामे में मौजूद हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान का मिलान कराए जाने की मांग की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि यदि वर्ष 2002 में श्रीराम को मृत दर्शाकर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दी गई थी, तो वर्ष 2014 में उनके नाम जमीन का बैनामा कैसे हुआ। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में संबंधित अभिलेखों की जांच, सेवा पुस्तिका और जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की है।मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। बीएसए स्तर से प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में सरकारी अभिलेखों, नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और जमीन के बैनामे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।






