संदीप मौर्य✍️
कटनी। शहर की उन यादों को संजोने की पहल सामने आई है, जो आने वाली पीढ़ियों को किसी के जीवन, संघर्ष और योगदान की कहानी से रूबरू कराएंगी। नगर निगम परिषद की बैठक में दिवंगत छात्र अक्षत सिंह यादव के नाम पर गली का नामकरण करने और स्वर्गीय पंडित दयाराम शास्त्री की स्मृति में प्रवेश द्वार बनाने के प्रस्ताव रखे गए। इन प्रस्तावों के जरिए दिवंगत व्यक्तित्वों की स्मृतियों को सम्मान के साथ सहेजने की बात उठी। वहीं, बैठक में नियम 17 के तहत शहर के विकास और जनहित से जुड़े सवालों पर भी चर्चा हुई। शेष एजेंडे पर विचार नहीं हो पाने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई।
अक्षत सिंह यादव की स्मृति को संजोने की पहल
नगर निगम परिषद की बैठक निगम अध्यक्ष मनीष पाठक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक के दौरान नवनियुक्त एल्डरमैन अम्बरीश वर्मा ‘अम्बु’ ने 19 वर्षीय दिवंगत छात्र अक्षत सिंह यादव की स्मृति में गली का नामकरण करने का प्रस्ताव रखा। अक्षत सिंह यादव कटनी के निवासी थे, जिनकी दिल्ली के सत्य निकेतन भवन हादसे में जान चली गई थी।
प्रस्ताव के अनुसार, नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के तुलसी नगर में दुबे कॉलोनी के पीछे वाली गली का नाम दिवंगत छात्र अक्षत सिंह यादव के नाम पर रखने का आग्रह किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र की स्मृति को स्थानीय स्तर पर पहचान देना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना है। प्रस्ताव पर सदन में सहमति बनने की जानकारी दी गई।
पं. दयाराम शास्त्री की स्मृति में प्रवेश द्वार की मांग
बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण प्रस्ताव राजीव गांधी वार्ड क्रमांक 14 से संबंधित रहा। यहां श्री सत्यनारायण मंदिर के सामने स्वर्गीय पंडित दयाराम शास्त्री की स्मृति में प्रवेश द्वार बनाने की अनुमति देने की मांग उठाई गई।
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि पंडित दयाराम शास्त्री के सामाजिक और धार्मिक योगदान के सम्मान में उनके शिष्य निजी सहयोग से प्रवेश द्वार का निर्माण कराना चाहते हैं। इस पहल के माध्यम से उनके योगदान को याद रखने और उनकी स्मृति को सार्वजनिक पहचान देने की मंशा व्यक्त की गई।
दोनों प्रस्तावों के माध्यम से शहर में दिवंगत व्यक्तित्वों की यादों को सहेजने और उनके योगदान को सम्मान देने का विषय परिषद के सामने आया।
नियम 17 के तहत उठे जनहित के सवाल
बैठक में नियम 17 के अंतर्गत पार्षदों ने शहर के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न सवाल उठाए। इन सवालों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। परिषद की बैठक में जनहित के मुद्दों के साथ स्मृति संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा का हिस्सा बने।
हालांकि, नियम 17 के तहत सवालों पर चर्चा के बाद बैठक में शेष एजेंडे के सभी बिंदुओं पर विचार नहीं हो सका। निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने शेष विषयों को अगली बैठक में रखने की बात कही। इसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में विधायक संदीप जायसवाल, महापौर प्रीति सूरी, वरिष्ठ पार्षद मिथिलेश जैन, मौसुफ अहमद, नवनियुक्त एल्डरमैन नरेश अग्रवाल, प्रमोद तिवारी, अनुराग त्रिसोलिया और वेंकटेश मिश्रा सहित पक्ष-विपक्ष के पार्षद मौजूद रहे। निगमायुक्त तपस्या परिहार सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित रहे।




