अपनी लेखनी से हजारों लोगों की दुआएं और पुण्य कमा सकते हैं: बी. के. नीलम दीदी
स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित
नरवर, ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के नरवर सेवाकेंद्र पर बुधवार को पत्रकार स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें सभी पत्रकारों का , पट्टा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
समारोह में नरवर क्षेत्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सखी दीदी ने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा इस धरा पर आकर मनुष्य आत्माओं को सहज राजयोग मेडिटेशन की शिक्षा दे रहे हैं। आप सभी मीडिया के भाई – बहनों से यही आह्वान है कि परमात्मा के इस दिव्य संदेश को जन – जन तक पहुंचाएं। आप अपनी लेखनी से हजारों लोगों की दुआएं और पुण्य कमा सकते हैं।
कथावाचक एवं प्रेरक वक्ता राजयोगिनी बीके नीलम दीदी ने कहा कि खुशी हमारा गहना है। खुशी जैसी कोई खुराक नहीं है। इसलिए कुछ भी हो जाए जीवन में खुशी नहीं जाए। हम इतना खुश रहें कि लोग हमें देख कर खुश हो जाएं। राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से हमारे विचार सकारात्मक और शक्तिशाली बनते हैं। मन शांत होता है। इसलिए आप सभी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी में से कुछ समय निकाल कर ध्यान अवश्य करें। हम जो देंगे वही हमारे पास लौटकर आता है। दुख देंगे तो दुख आएगा और खुशी, प्रेम, सुख, शांति देंगे तो वह उसी रूप में लौटकर आएगा।
ग्वालियर से आए बीके महेश भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारी में एक बात सिखाई जाती है कि कोई बदले या नहीं बदले, सबसे पहले मुझे स्वयं को बदलना है। हम बदलेंगे, जग बदलेगा। वर्ष 1937 में बहुत ही छोटे स्तर पर शुरू हुआ विश्व परिवर्तन का यह कारवां आज पूरे विश्व के 140 देशों में अध्यात्म की रोशनी बिखेर रहा है।
संचालन करते हुए बीके पिंकी दीदी ने कहा कि आज यहां से आप सभी संकल्प लेकर जाएं कि मुझे अपने घर का दीपक खुद बनना है। अतिथियों का स्वागत बीके आरती बहन, बी के संतोष भाई ने किया





