उन्नाव में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, 10 बीघे जमीन पर हुई कार्रवाई
नोटिस के बाद भी स्वीकृत लेआउट नहीं कराया गया जमा
डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की जमीन पर कार्रवाई
बिना स्वीकृत नक्शे के प्लॉटिंग करने वालों को चेतावनी
उन्नाव में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ यूएसडीए ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली क्षेत्र के सैयद अब्बासपुर राजस्व गांव में करीब 10 बीघे जमीन पर बिना स्वीकृत लेआउट के विकसित की जा रही प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कराया गया। कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह की मौजूदगी में की गई।
मंगलवार को उन्नाव-शुक्लागंज डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी यूएसडीए की टीम सैयद अब्बासपुर गांव पहुंची। प्राधिकरण के सचिव के नेतृत्व में टीम ने करीब 10 बीघे जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, जमीन पर बिना स्वीकृत लेआउट और नक्शे के प्लॉट काटकर बिक्री की तैयारी की जा रही थी।
यूएसडीए की ओर से संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वीकृत लेआउट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन अंतिम मौका मिलने के बाद भी स्वीकृत नक्शा और लेआउट प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए प्लॉट और अन्य अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई वाली जमीन सड़क से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। क्षेत्र में जमीन का सर्किल रेट करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर बताया गया है। इसी आधार पर कार्रवाई की गई जमीन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है।
राजस्व अभिलेखों में अवैध प्लॉटिंग से जुड़े प्रदीप राजपूत, राजू रावत और सुरेश शुक्ला समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक चार-पांच लोग मिलकर यहां प्लॉटिंग का काम कर रहे थे। यूएसडीए अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच कर रहा है।
कार्रवाई के दौरान यूएसडीए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों को चेतावनी दी कि बिना स्वीकृत लेआउट और नक्शे के प्लॉटिंग न करें। अधिकारियों ने साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
यूएसडीए ने आम लोगों से भी अपील की है कि प्लॉट खरीदने से पहले जमीन के स्वामित्व के साथ-साथ प्राधिकरण से स्वीकृत लेआउट और नक्शे की जानकारी जरूर कर लें। अधिकारियों ने कहा कि बिना स्वीकृत लेआउट वाली जमीन में निवेश करने से भविष्य में खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।






