ग्राम रोजगार सहायकों ने सौंपा ज्ञापन, अतिरिक्त कार्य के बदले मानदेय की मांग
अन्य विभागीय योजनाओं का कार्य कराने से पहले राज्य स्तर से अनुमति लेने की मांग
ग्राम रोजगार सहायक संघ-मनरेगा ग्राम रोजगार सहायक महासंघ एवं पंचायत सहायक सचिव कर्मचारी संघ के संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के माध्यम से शासन को प्रेषित किया गया। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सहायकों से विकसित भारत-जी राम जी (विबी-जी आरएएम जी) योजना के अतिरिक्त अन्य विभागों एवं योजनाओं के कार्य नहीं करवाए जाने की मांग की गई। संगठन ने मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 19 अक्टूबर 2020 के पत्र तथा मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल द्वारा जारी ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 का हवाला देते हुए कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों को अन्य विभागों एवं योजनाओं के कार्य में राज्य स्तर से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सहमति के बिना संलग्न नहीं किया जाना चाहिए।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मनरेगा के अतिरिक्त किसी अन्य शासकीय योजना अथवा कार्यक्रम का कार्य ग्राम रोजगार सहायकों से लिया जाता है तो उसके लिए अतिरिक्त मानदेय अथवा पारिश्रमिक की दर पहले से निर्धारित की जाए तथा निर्धारित राशि का भुगतान निश्चित समयावधि में किया जाए। ज्ञापन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर, लाखन सिंह चावड़ा, जयप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल, महेंद्र सिंह जी, महेश, विजय जी, नागजीराम जी, सूर्य प्रकाश जी, ओम लुवानिया, अनिल पटेल, अंकित तिवारी, जितेन जी, रामेश्वर उपाध्याय, राहुल बरोठा, नौशाद भाई, गोवर्धन जी सहित बड़ी संख्या में सहायक सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित रहे।





