राजस्थान के टोंक जिले की निवाई तहसील में स्थित देवधाम जोधपुरिया मैं श्री देवनारायण का एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र धार्मिक स्थल है। हर साल भाद्रपद महीने में यहां तीन दिवसीय भव्य लक़खी मेला आयोजित किया जाता है। देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हाथों में पारंपरिक नेजा ( रंगीन ध्वज ) लेकर पैदल यात्रा करते हुए यहां पहुंचते हैं।
गुर्जर जाति भारतीय उपमहाद्वीप का एक प्राचीन और प्रमुख समुदाय है। गुर्जर एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ शत्रु का नाश करने वाला माना जाता है। गुर्जर प्रतिहार वंश ने मध्यकालीन भारत में एक बड़े भूभाग पर शासन किया था, राजा मिहिर भोज इस वंश के सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली राजा थे।
भगवान श्री देवनारायण गुर्जर समाज के आराध्य देव और लोक देवता है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। श्री देवनारायण जी को समाज में एक महापुरुष, गौ रक्षक और लोक कल्याणकारी राजा के रूप में पूजा जाता है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए देव धाम पहुंच रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। निजी खर्चे पर डॉक्टरों ने मेडिकल सुविधा भी प्रदान की है। स्त्री, पुरुष, बच्चे एवं बुजुर्ग लोग यात्रा का आनंद उठाते हुए झूमते गाते हुए देव धाम पहुंच रहे हैं।





