फर्जी IAS बनकर महिला डॉक्टर से 3 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

फर्जी आईएएस बनकर महिला चिकित्सक से धोखाधडी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
• जीवनसाथी डॉट कॉम के माध्यम से महिला चिकित्सक से संपर्क कर स्वयं को चिकित्सक एवं आईएएस अधिकारी बताया।
• एमबीबीएस, एमडी, डीएम तथा यूपीएससी चयनित होकर मध्यप्रदेश कैडर मिलने का झूठा दावा किया।
• जिला धार में एसडीएम पद पर पदस्थ होने एवं वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध होने की बात कहकर विश्वास में लिया।
• सहायता करने का झांसा देकर लगभग 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
• तकनीकी साक्ष्यों एवं पतासाजी के आधार पर वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार किया गया।
• आरोपी अपने गांव एवं परिजनों को भी स्वयं को आईएएस अधिकारी बताकर भ्रमित करता था।
• एआई आधारित तकनीक से फोटो एडिट कर स्वयं को उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था।
• वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रशासनिक संस्थानों की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर लोगों का विश्वास जीतता था।
थाना कोतवाली, जिला नरसिंहपुर में दिनांक 10.08.2026 को नरसिंहपुर निवासी एक महिला चिकित्सक द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि जीवनसाथी डॉट कॉम के माध्यम से उसकी पहचान संजय कुमार निवासी बभनौती, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश) नामक व्यक्ति से हुई। उक्त व्यक्ति ने स्वयं को चिकित्सक एवं आईएएस अधिकारी बताया। आरोपी ने प्रार्थिया को बताया कि उसने एमबीबीएस एवं एमडी पटना (बिहार) से तथा डीएम भुवनेश्वर (ओडिशा) से किया है। इसके पश्चात यूपीएससी में चयनित होकर मध्यप्रदेश कैडर प्राप्त होने तथा वर्तमान में जिला धार में एसडीएम पद पर पदस्थ होने का दावा किया। साथ ही उसने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से घनिष्ठ संबंध होने की बात भी कही।
आरोपी ने प्रार्थिया को सहायता करने का आश्वासन देकर उसे विश्वास में लिया तथा विभिन्न माध्यमों से उससे लगभग 3 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। बाद में संदेह होने पर प्रार्थिया द्वारा थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर ठगी करने वाले आरोपी की जांच हेतु विशेष टीम गठित
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी एवं प्रकरण के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम को तकनीकी एवं अन्य आवश्यक माध्यमों से आरोपी की शीघ्र तलाश कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जीवनसाथी एवं सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच : जांच के दौरान आरोपी द्वारा उपयोग किए जा रहे जीवनसाथी डॉट कॉम एवं विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच की गई। प्रारंभिक स्तर पर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे आरोपी द्वारा स्वयं को आईएएस अधिकारी प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाना प्रतीत हुआ। तथापि जिला धार प्रशासन से जानकारी प्राप्त करने पर स्पष्ट हुआ कि उक्त नाम का कोई भी अधिकारी जिला धार में पदस्थ नहीं है। गहन जांच एवं अभिलेखों के परीक्षण में भी उक्त नाम से किसी आईएएस अधिकारी के अस्तित्व की पुष्टि नहीं हुई। आरोपी की पहचान एवं पतासाजी हेतु पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर जांच की गई।
उत्तर प्रदेश का निवासी निकला फर्जी आईएएस, दबिश देकर गिरफ्तार : जांच के दौरान आरोपी की वास्तविक पहचान एवं उसके निवास स्थान की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस टीम को वाराणसी (उत्तर प्रदेश) रवाना किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं स्थानीय पतासाजी के आधार पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।
गांव वालों एवं परिजनों को भी धोखे में रखकर स्वयं को बताता था आईएएस अधिकारी : आरोपी की गिरफ्तारी उपरांत उसके परिजनों एवं ग्रामवासियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि आरोपी लंबे समय से स्वयं को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को भ्रमित करता था। वह अपने परिवार एवं गांव के लोगों के समक्ष भी एसडीएम पद पर पदस्थ होने का दावा करता था तथा इसी आधार पर लोगों का विश्वास अर्जित करता रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रशासनिक संस्थानों की फोटो दिखाकर बनाता था प्रभाव : जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों से संबंधित फोटो एवं सामग्री का उपयोग कर स्वयं को प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। वह इन फोटो एवं दस्तावेजों को अपने मोबाइल एवं सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर लोगों को दिखाता था और उनका विश्वास अर्जित कर धोखाधड़ी करने का प्रयास करता था।
एआई तकनीक से फोटो एडिट कर बनाता था फर्जी पहचान : जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों को प्रभावित करने एवं विश्वास में लेने के उद्देश्य से एआई आधारित तकनीक का उपयोग कर फोटो एडिट करता था। वह वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक संस्थानों एवं सरकारी कार्यक्रमों से संबंधित फोटो में छेड़छाड़ कर स्वयं को उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था।
अन्य पहलुओं पर भी की जा रही गहन जांच : आरोपी संजय कुमार निवासी बभनौती, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश) से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल उपकरणों एवं अन्य संपर्कों की तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इसी प्रकार अन्य व्यक्तियों के साथ भी धोखाधड़ी की है या नहीं। प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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