आश्रमशाला में जहरीले सांप का कहर! 3 छात्राओं की दर्दनाक मौत, 1 वेंटिलेटर पर
महाराष्ट्र से
गडचिरोली जिले के धानोरा तहसील से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित जपतलाई की अनुदानित शासकीय आदिवासी आश्रमशाला से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है।
आश्रमशाला के छात्रावास में पर्याप्त खाटों की व्यवस्था नहीं होने के कारण जमीन पर सो रही छात्राओं को आधी रात एक जहरीले मण्यार यानी दांडेकरेटा सांप ने अपना शिकार बना लिया।
रात करीब 1:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त की रात भोजन करने के बाद छात्राएं छात्रावास में सो गई थीं। रात करीब 1:30 बजे जहरीले सांप ने सो रही छात्राओं को डस लिया।
छात्राओं की चीख-पुकार के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद करीब 2 बजे प्रभावित छात्राओं को तत्काल धानोरा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया।
इलाज के दौरान दो छात्राओं ने दम तोड़ दिया।
मृत छात्राओं में—
दीपिका एकनाथ लाकड़ा, उम्र 12 वर्ष, निवासी जवेली, तहसील एटापल्ली, कक्षा 6वीं
सुश्मिता सरोजित मंडल, उम्र 14 वर्ष, निवासी मैडरी, तहसील एटापल्ली, कक्षा 8वीं
शामिल हैं।
14 छात्राएं अस्पताल में भर्ती
हादसे के बाद करीब 14 अन्य छात्राओं में उल्टी और मितली की शिकायत सामने आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती किया गया
हादसे की जानकारी मिलते ही भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोकजी नेते तत्काल गडचिरोली जिला सामान्य अस्पताल पहुंचे।
इसके बाद उन्होंने धानोरा ग्रामीण अस्पताल, शवविच्छेदन केंद्र और जपतलाई आश्रमशाला पहुंचकर घटनास्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जताया दुख
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. अशोक नेते ने बताया कि इस गंभीर घटना की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री एवं गडचिरोली जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी गई है। उन्होंने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है
छात्रावास में पर्याप्त खाट उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्राओं को जमीन पर सोना पड़ रहा था। ऐसे में जहरीले सांप के काटने की घटना ने आश्रमशाला में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर सवालिया निशान लगा दिया है.
निरीक्षण के दौरान गडचिरोली के विधायक डॉ. मिलिंदजी नरोटे, आयुक्त आयुषी सिंग, उपायुक्त राचलवार, जिला उपशल्यचिकित्सक उईके, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अरुण हरडे, पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. भारत खटी, नगर परिषद सभापति सीमा कन्नमवार सहित भाजपा पदाधिकारी, शासकीय अधिकारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जपतलाई आश्रमशाला की इस दर्दनाक घटना ने पूरे गडचिरोली जिले को झकझोर कर रख दिया है। तीन मासूम छात्राओं की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आश्रमशालाओं में पढ़ने वाले आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
प्रशासन द्वारा घटना की जांच और दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ आश्रमशालाओं में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है।





