पम्प कैनाल गलाथा की खांदी कटी, पानी बर्बाद होता रहा और सोता विभाग रहा
दो साल पहले हुआ था नहर का जीर्णोद्धार, अब सीमेंटेड नहर टूटने से किसानों में आक्रोश
फतेहपुर यूपी के नलकूप खण्ड फतेहपुर की लघु डाल नहर गलाथा में विभागीय लापरवाही का मामला सामने आया है । कुलाबा नंबर दो और तीन के बीच पक्की सीमेंटेड नहर टूट जाने से खांदी कट गई और काफी मात्रा में सिंचाई का पानी बर्बाद होता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी बहता रहा, लेकिन विभागीय जिम्मेदारों को इसकी सुध तक नहीं रही।
किसानों के मुताबिक, उक्त नहर का जीर्णोद्धार करीब दो वर्ष पहले ही कराया गया था। इसके बावजूद नहर का पक्का हिस्सा टूट जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़े कर रहा है । किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर टूटी नहर की मरम्मत करा देते तो पानी की बर्बादी रोकी जा सकती थी ।
ग्रामीणों ने नलकूप खण्ड के जेई बबलू भारती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि जेई नियमित रूप से नहर का निरीक्षण करने मौके पर नहीं पहुंचते, जिसके चलते नहर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। आरोप है कि नहर की सफाई भी नियमित रूप से नहीं कराई जाती और सफाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं ।
किसानों ने मांग की है कि पिछले दो वर्षों में गलाथा लघु डाल नहर के जीर्णोद्धार, मरम्मत और सफाई के नाम पर खर्च किए गए बजट की निष्पक्ष जांच कराई जाए । साथ ही मौके पर कराए गए कार्यों और विभागीय अभिलेखों का मिलान कर जिम्मेदारी तय की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि दो साल पहले जिस नहर का जीर्णोद्धार कराया गया था, वह इतनी जल्दी कैसे टूट गई? यदि नहर की नियमित निगरानी और सफाई होती है तो खांदी कटने की जानकारी विभाग को समय पर क्यों नहीं हुई? किसानों ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है






