आज का दिन गुरु, आचार्य एवं महर्षि वेदव्यास के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का महान पर्व। यह ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक साधना का विशेष दिन माना जाता है।
कोटा के थेगड़ा क्षेत्र में स्थित शिवपुरी धाम राजस्थान के प्रमुख शिव धामों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
प्रमुख विशेषताएँ:
एक ही परिसर में 525 शिवलिंग स्थापित हैं।
लगभग 15 फीट ऊँचा एवं लगभग 14 टन वजनी भगवान पशुपतिनाथ स्वरूप विशाल शिवलिंग इसकी सबसे बड़ी पहचान है।
विशाल शिवलिंग पर 1008 लघु शिवलिंग अंकित हैं।
स्थापना के समय विभिन्न पवित्र नदियों का जल लाकर अभिषेक किया गया था।
महाशिवरात्रि, सावन एवं सोमवार को यहां विशेष श्रद्धालु जुटते हैं।
यह स्थान केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि कोटा की आस्था और शिक्षा नगरी की पहचान भी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अनेक विद्यार्थी भी यहां दर्शन कर सफलता की कामना करते हैं।
“कोटा की पावन धरती पर स्थित शिवपुरी धाम आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
525 शिवलिंगों और भगवान पशुपतिनाथ के विशाल स्वरूप के कारण यह धाम देशभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। मान्यता है कि यहां श्रद्धा से दर्शन और पूजन करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। गुरु पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं।






