संदीप मौर्य✍️
कटनी। यूजीसी से जुड़े मुद्दों और विभिन्न मांगों को लेकर सवर्ण समाज के संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर चल रहे आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उर्मालिया ने 18 सितंबर को आंदोलन स्थल पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि क्षेत्रीय सांसद 17 सितंबर तक आंदोलन स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों की मांगें नहीं सुनते और उचित आश्वासन नहीं मिलता, तो आंदोलनकारियों की ओर से यह चेतावनी दी गई है।
7 सितंबर से जारी है प्रदर्शन
आंदोलनकारियों के अनुसार अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद, श्री राजपूत करणी सेना सहित विभिन्न सवर्ण समाज के पदाधिकारी 7 सितंबर से आंदोलन कर रहे हैं। संगठनों की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
आंदोलनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर किए जाने, यूजीसी से संबंधित प्रावधानों को वापस लेने तथा एससी-एसटी एक्ट के मामलों में सक्षम अधिकारी की जांच के बाद ही प्रकरण दर्ज किए जाने जैसी मांगें रखी हैं। यूजीसी के 2026 इक्विटी रेगुलेशंस को लेकर देश में विरोध के बीच केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इन नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
सांसद से मांगे सुनने की अपील
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के जिला अध्यक्ष राकेश मिश्रा और ब्राह्मण समाज के राजू शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय सांसद 17 सितंबर तक धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों की मांगें सुनें और उन्हें लोकसभा में चर्चा के लिए रखें। उनका कहना है कि यदि इस दिशा में पहल होती है तो 17 सितंबर को अनशन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा, अन्यथा 18 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी गई है।
पत्रकार वार्ता में नारायण प्रसाद समदरिया, राकेश उर्मालिया, राजू शर्मा, राकेश मिश्रा, राकेश तिवारी, भरत तिवारी, गुरमुख वाद्यरानी, चेतन सचदेवा, मोहित ठाकुर, मनोज मिश्रा, सचिन रजक, दीपक मिश्रा और आशीष दुबे सहित विभिन्न सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।





