एंकर – इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज भ्रष्टाचार केके मामले ऐसे सामने उजागर हुए हैं मगर आज तक एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दिन अरविंद गंगोरिया पर शासन और प्रशासन हाथ डालने की कोशिश नहीं कर पा रहा है और उससे संबद्ध आठ अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों के मेंटेनेंस के नाम पर एक बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि अस्पताल में बंद पड़ी 40 से अधिक मशीनों के मेंटनेंस के लिए भी साल 2021 से लगातार भुगतान किया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही मशीन के मेंटनेंस का काम दो अलग-अलग एजेंसियों को सौंपकर दोनों को समानांतर रूप से भुगतान किया जा रहा था। वी ओ – एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर अरविंद घनघोरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगभग 43 लाख रुपये के अतिरिक्त और फर्जी भुगतान का मामला उजागर हुआ है। यह गड़बड़ी साल 2021-22 से लेकर 2025 के बीच की है। मामला संज्ञान में आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कंपनी के पिछले 6 महीनों के मेंटनेंस चार्ज के भुगतान पर रोक लगा दी है और पूर्व में किए गए भुगतानों में से कटौती शुरू कर दी है। इस मामले में लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में एक बायोमेडिकल इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एमवाय अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी, एमआरटीबी और कैंसर अस्पताल सहित संबद्ध आठ अस्पतालों के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूरे घोटाले की विस्तृत जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। डीन घनघोरिया के मुताबिक, कंपनी की मिलीभगत की आशंका को देखते हुए राज्य शासन को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है ताकि दोषी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सके।
शिवपुरी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज हत्या का लगाया आरोप
एंकर – खनियांधाना थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम खजरा में रहने वाली 26 वर्षीय खुशबू यादव पत्नी महेन्द्र सिंह यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मामले की…
