तपते बांदा को आखिरकार राहत की फुहार मिल ही गई। देर रात हुई हल्की बारिश ने एक हफ्ते से ‘हीट चेम्बर’ बने जिले का तापमान गिरा दिया है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे लोगों ने पहली बार राहत की सांस ली है।
अप्रैल में आग उगलते सूरज ने बांदा को झुलसा दिया था, लेकिन अब मौसम ने करवट ले ली है। बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने गर्मी के तेवर ढीले कर दिए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट जारी रह सकती है।
लेकिन इस राहत के साथ खतरे की घंटी भी बज गई है। मौसम में अचानक बदलाव के चलते डायरिया, डिसेंट्री और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को साफ पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
जिलाधिकारी ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए साफ कहा है—लापरवाही भारी पड़ सकती है। तेज धूप और बदलते मौसम दोनों से बचाव जरूरी है।
फिलहाल, झुलसते बांदा को बारिश ने राहत जरूर दी है, लेकिन सावधानी ही सुरक्षा है।





