झांसी के प्रेमनगर थानाक्षेत्र में पांच दिन पूर्व ड्रग तस्कर युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कांस्टेबल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करते हुए ब्लैकमेलिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पुलिसकर्मी के अलावा एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारी भी शामिल हैं जो पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर ब्लैकमेलिंग का काम करते थे। ब्लैकमेलिंग की कोशिश में ही 13 सितम्बर को पिटाई होने से परवेज अली नाम के ड्रग तस्कर की मौत हो गई थी। इस मामले में प्रेम नगर थाने में तैनात कांस्टेबल आशीष सिंह के अलावा प्रियांश, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान और शनि नामदेव को गिरफ्तार किया गया है।
झांसी के एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि मृतक परवेज पर जम्मू कश्मीर में ड्रग तस्करी का मुकदमा दर्ज है। ड्रग सप्लाई के लिए वह साहिल नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया था। घटना के दिन परवेज साहिल मिश्रा को ड्रग सैंपल दिखाने जा रहा था। जब वह सैंपल लेकर पहुंचा तो तीन गाड़ियों में सवार ग्यारह लोगों ने उसका वीडियो बनाते हुए पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी। इस पर झगड़ा हुआ और दो लोगों ने परवेज को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई थी। एसएसपी ने बताया कि प्रियांश और साहिल दोस्त हैं। इनके अन्य साथी मिलकर राष्ट्रभक्त संगठन चलाते हैं। कांस्टेबल आशीष इन्हीं अभियुक्तों में से एक के घर में किराए पर रहता है। घटना के पहले सभी लोग रात में मिले थे और घटना के बाद भी मिले थे। जो साक्ष्य मिले हैं, उससे इस बात की पुष्टि होती है कि ये लोग ऐसे लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए पकड़ते थे। इस विवेचना में कांस्टेबल को भी अरेस्ट किया गया है।





