उम्मीदों में जिंदा पर्यटन विभाग, योजनाओं से रोजगार और पर्यटन विकास की आस रायपुर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। पर्यटन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक प्रदेश में पर्यटन स्थलों के विकास के साथ स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और समुदायों को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर कब और कितना पहुंचेगा, यह आने वाला समय बताएगा। विभाग के अनुसार प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए गाइड प्रशिक्षण, होमस्टे और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्वालियर स्थित IITM में प्रदेश के 45 युवाओं को टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 9 युवाओं को रिसॉर्ट और पर्यटन सूचना केंद्रों से जोड़े जाने की जानकारी दी गई है। वहीं पर्यटन नीति 2025-30 के तहत होमस्टे को बढ़ावा देने की योजना भी सामने रखी गई है। सात जिलों से होमस्टे विकास के लिए 85 लोगों का चयन किया गया है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों के ठहरने की सुविधा विकसित करने के साथ स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाने का लक्ष्य बताया गया है। चयनित आवासों के माध्यम से कुल 324 कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। निजी निवेश से बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी पर्यटन विभाग निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए PPP मॉडल पर भी काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक नया रायपुर में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से फिल्म सिटी तथा चित्रकोट में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से टेंट सिटी विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पर्यटन विभाग की योजनाओं से उम्मीदें तो जिंदा हैं, अब इन उम्मीदों को जमीन पर रोजगार और विकास में बदलने का इंतजार है।






