कार्यक्रम में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के अनुशासन, विद्यालय विकास तथा शिक्षकों की भूमिका सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा नवगठित शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान करने के साथ हुई। विद्यालय परिवार की ओर से समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए विद्यालय के विकास में उनके सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण भूमिका की अपेक्षा व्यक्त की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। समिति की ओर से शिक्षकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर निरंतर ध्यान देने, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष निगरानी रखने तथा विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की बात कही गई।
समिति के सदस्यों ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुशासन, संस्कार, नियमित उपस्थिति और सकारात्मक वातावरण भी आवश्यक है। विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों तथा शाला प्रबंधन समिति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भ्रमण किया। इस दौरान कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन, अध्ययन-अध्यापन की स्थिति तथा विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। समिति सदस्यों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई से संबंधित जानकारी भी ली और उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने तथा विद्यालय के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्यामल कुमार देबनाथ ने नवीन शाला प्रबंधन समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय के विकास में शाला प्रबंधन समिति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यालय परिवार और समिति के आपसी सहयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने समिति के सदस्यों से विद्यालय हित में निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गोपाल ब्रह्मचारी, उपाध्यक्ष दसरथ पुडो, प्राचार्य श्यामल कुमार देबनाथ सहित समिति के सदस्य खकोकन तालुकदार, सुबल मंडल, दिनेश मिस्त्री, रंजीत कर, गणेश दास, संचिता ढाली, बाबली, नायर मेम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की भी कार्यक्रम में उपस्थिति रही।
नवगठित शाला प्रबंधन समिति के गठन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित यह पहला सामूहिक कार्यक्रम रहा, जिसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं विद्यालय परिवार एक साथ उपस्थित हुए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के हित में कार्य करने तथा विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।





