दाऊदी बोहरा समुदाय ने जिला अस्पताल, अलीराजपुर को ब्लड बैंक के उपकरण सौंपे!!
*यह उपहार दाऊदी बोहरा समाज के अगाध श्रद्धा केंद्र धर्मगुरु डॉ.सैयदना साहेब की हालिया अलीराजपुर यात्रा के बाद दिया गया है, इससे अस्पताल में ब्लड स्टोरेज (रक्त भंडारण) की कमी दूर होगी..!
विज्वल
अलीराजपुर के दाऊदी बोहरा समुदाय ने आज महाराजा सुरेन्द्र सिंह सरकारी जिला अस्पताल को कुछ जरूरी मेडिकल उपकरण सौंपे हैं, जिससे अस्पताल की ब्लड बैंक सेवाएं मजबूत होंगी। यह उपहार समुदाय की वैश्विक समाज सेवा पहल ‘प्रोजेक्ट राइज’ (Project Rise) का हिस्सा है। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा और पूरे जिले के मरीजों को फायदा मिलेगा।
30 जुलाई को हुए एक छोटे से कार्यक्रम में ईसीजी मशीन, रेफ्रिजरेटर (फ्रिज), मल्टीपारा मॉनिटर, ब्लड ट्यूब सीलर और ब्लड कलेक्शन काउच (रक्तदान कुर्सी) अस्पताल को सौंपे गए। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, अलीराजपुर में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के प्रतिनिधि आमिल साहेब शेख़ अलीअसगरभाई पूनावाला और अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश धोके मुख्य रूप से मौजूद थे।
अस्पताल में इस तरह के ये पहले उपकरण हैं, जो जिले में ब्लड स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं की लंबे समय से चली आ रही कमी को पूरा करेंगे। इनके चालू होने के बाद, एक ही समय में खून की लगभग 250 यूनिट सुरक्षित रखी जा सकेंगी, और मरीजों को इन उपकरणों की मदद से मुफ्त इलाज मिलेगा।
अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश धोके ने कहा, “ये उपकरण हमारी ब्लड बैंक सेवाओं की एक बड़ी जरूरत को पूरा करते हैं। अस्पताल और हमारे मरीजों की सही समय पर मदद करने के लिए हम सैयदना साहब और दाऊदी बोहरा समुदाय के आभारी हैं।”
यह उपहार दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु, सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहेब की हालिया अलीराजपुर यात्रा के बाद किया गया है। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने स्थानीय लोगों की भलाई और सार्वजनिक संस्थाओं की मदद करने पर विशेष जोर दिया था।*
अलीराजपुर में दाऊदी बोहरा समुदाय के एक सदस्य मुस्तफा रियाज ने कहा, “यह उपहार सैयदना साहेब की उस सोच को दर्शाता है जिसमें उन्होंने अपने आस-पास के समाज की मदद करने की बात कही है, खासकर स्वास्थ्य के मामले में। हमें उम्मीद है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में हुए इस सुधार से आने वाले कई सालों तक इस अस्पताल के मरीजों को राहत मिलेगी।”
अलीराजपुर में दाऊदी बोहरा समुदाय 150 से भी ज्यादा सालों से रह रहा है। इस शहर में लगभग 250 बोहरा परिवार रहते हैं, जो मुख्य रूप से हार्डवेयर, कपड़े और किराने के व्यापार से जुड़े हैं। यह समुदाय जिले में लगातार कई सामाजिक भलाई के काम करता रहता है, जैसे हेल्थ चेक-अप कैंप, भोजन और पोषण अभियान और पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रम।





