राजस्थान सरकार जनसेवा, आधारभूत विकास और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आमजन के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तत्परता और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं प्रदेश के आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी देकर आमजन को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बेहतर सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण और अमृत 2.0 से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने वीबीजी रामजी योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में क्रांतिकारी पहल बताते हुए इसके विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), डांग विकास कार्यक्रम, ब्रज क्षेत्रीय विकास योजना, अटल ज्ञान केंद्र और पीएम कुसुम योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने तथा भ्रष्ट और अकर्मण्य कार्मिकों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने विभागों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आठ जिलों—फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और सलूम्बर में स्थाई लोक अदालतों के गठन का अनुमोदन किया है। इन अदालतों के माध्यम से आमजन को विवादों का त्वरित, सरल और किफायती समाधान मिलेगा। आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निपटारा होने से लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा न्याय व्यवस्था और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनेगी।





