घरौनी प्रमाणपत्र दिया नहीं और अब उगाही के चक्कर मे गरीब का आशियाना उजाड़ने की तैयारी
बिंदकी तहसील के अमेना गांव में लेखपाल पर गंभीर आरोप 20 हजार रुपये मांगने का दावा
फतेहपुर यूपी की बिंदकी तहसील के अमेना गांव से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार को उसकी घरौनी नहीं बनाई गई बल्कि उगाही के लालच में उसका घर गिराने की तैयारी हो रही है । पीड़ित परिवार ने स्थानीय लेखपाल पर ये गंभीर आरोप लगाए हैं । पीड़ित पंचम कुशवाहा का कहना है कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से ग्राम सभा की जमीन के किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं और एक छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं पीड़ित का आरोप है कि आज तक उन्हें न प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला, न किसी अन्य सरकारी योजना का सहारा । परिवार आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। अब आरोप है कि गांव के कुछ लोगों के दबाव में लेखपाल उनके आशियाने को हटाने की तैयारी कर रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पीड़ित परिवार का दावा है कि लेखपाल ने 20 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर झोपड़ी हटाने की चेतावनी दी। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है । पीड़ित का कहना है कि यदि उनका आशियाना उजाड़ दिया गया तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा और छोटे-छोटे बच्चों के सिर से छत छिन जाएगी । दी गई नोटिस में उसे तालाब दिखाया गया है जिसकी जांच आवश्यक है । ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की नोटिस दी जाती तो ज्यादा अच्छा होता ।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है । आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ।





