पूर्णिमा महोत्सव पर भरतपुर की परिक्रमा में उमड़ा जनसैलाब, श्रद्धालुओं ने सेवा-भाव से किया पुण्य अर्जन
भरतपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को भरतपुर शहर की ऐतिहासिक परिक्रमा में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर चल रहे विकास कार्यों को एक दिन के लिए रोकने की व्यवस्था किए जाने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में किसी प्रकार की कमी देखने को नहीं मिली। सुबह से देर शाम तक हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे श्रद्धा और आस्था के साथ परिक्रमा में शामिल हुए।
परिक्रमा मार्ग पर सनातन धर्म के प्रति आस्था रखने वाले समाजसेवियों, व्यापारियों एवं विभिन्न संगठनों ने सेवा और दान-पुण्य की अनूठी मिसाल पेश की। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलेबी, कचौरी, फल, ठंडा पेय, चाय, बिस्कुट, ट्रॉफी एवं अन्य खाद्य सामग्री के निःशुल्क वितरण की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने भी इन सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप बताया।
पूरा परिक्रमा मार्ग “जय श्री राम”, “हर-हर महादेव” और गुरु वंदना के जयघोषों से गूंजता रहा। धार्मिक वातावरण, भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। विभिन्न जाति एवं धर्म के लोगों की सहभागिता ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह भव्य परिक्रमा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सेवा, सहयोग और परोपकार की भारतीय संस्कृति को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करती दिखाई दी। श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा, सेवा और दान का विशेष महत्व है तथा ऐसे पुण्य कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।






