संदीप मौर्य
कटनी। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) ने सरकारी विद्युत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिजली चोरी के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए एक ही दिन में दो अलग-अलग प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली लाइन, पोल, केबल, ट्रांसफार्मर अथवा अन्य सरकारी संपत्ति से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, क्षति या बिना अनुमति परिवर्तन करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पहला मामला ग्राम भरवारा का है, जहां 18 जुलाई 2026 को कुछ लोगों द्वारा बिजली चोरी करने के उद्देश्य से नए लगाए गए विद्युत केबल को पोल पर सीढ़ी लगाकर जानबूझकर जलाने का मामला सामने आया। विभाग के अनुसार इस घटना का उद्देश्य डायरेक्ट अवैध बिजली कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग करना था। घटना की जानकारी मिलते ही कनिष्ठ अभियंता मनोज तिवारी (खिरहनी-2) ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कराया। जांच के दौरान घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके आधार पर राजकुमार चौधरी, अजय चौधरी एवं सोनेलाल चौधरी, निवासी ग्राम भरवारा, के विरुद्ध 22 जुलाई 2026 को थाना कुठला में एफआईआर दर्ज कराई गई। विभाग ने बताया कि केबल जलने से लगभग 60,000 की शासकीय क्षति हुई है, जिसकी वसूली आरोपियों से की जाएगी।
विभाग ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं तथा विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत कार्रवाई कर अपराध पंजीबद्ध कराया है।
दूसरा मामला ग्राम कैलवारा का है, जहां उपभोक्ता कालीचरण पटेल द्वारा अपने परिसर के बाहर लगे एल.टी. पोल को विभागीय अनुमति के बिना काटकर लगभग सात फीट दूर स्थानांतरित कर दिया गया। जांच में इस अवैध कृत्य की पुष्टि होने पर 22 जुलाई 2026 को थाना कुठला में एफआईआर दर्ज कराई गई। विभाग ने इस मामले में भी भारतीय न्याय संहिता, विद्युत अधिनियम तथा लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
MPEB ने नागरिकों से अपील की है कि विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना बिजली लाइन, पोल, केबल, ट्रांसफार्मर, मीटर अथवा अन्य विद्युत सामग्री से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बिजली चोरी, स्मार्ट मीटर में लूप लगाने, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कारावास का प्रावधान भी शामिल है।
मुख्य अभियंता एस. के. गिरिया (जबलपुर क्षेत्र) एवं अधीक्षण अभियंता डी. एन. चौकीकर के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता मुकेश महोबे तथा कटनी शहर के अन्य अभियंताओं द्वारा विद्युत संपत्ति की सुरक्षा एवं बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।





