राजस्थान में विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। एक ओर जयपुर को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की बड़ी सौगात मिली है, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक संवेदनशील एवं सुलभ बनाने की दिशा में भी नई पहल की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का भूमि पूजन और शिला पूजन कर निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में पाइलिंग कार्य शुरू करने के साथ मुख्यमंत्री ने करीब 41 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के मॉडल का भी अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मानसरोवर से छोटी चौपड़ तक मेट्रो में सफर कर यात्रियों से संवाद किया और प्रस्तावित खासाकोठी इंटरचेंज स्टेशन का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जयपुर को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। 13 हजार 37 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली यह परियोजना प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित करेगी, जिससे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, एसएमएस अस्पताल, टोंक रोड, विद्याधर नगर, वीकेआईए सहित शहर के प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर और निर्बाध मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य में आवश्यकता के अनुसार मेट्रो के फेज-3 और फेज-4 पर भी कार्य शुरू करने की बात कही। मेट्रो यात्रा के दौरान यात्रियों ने भी फेज-2 के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद जताते हुए इसे जयपुर के लिए बड़ी सौगात बताया।
वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर सरकारी अस्पतालों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए ‘प्रसव सखी’ व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस नई पहल के तहत प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी, एएनएम और अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी पिंक एप्रिन में तैनात होकर गर्भवती महिलाओं के साथ भर्ती से लेकर प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और डिस्चार्ज तक हर चरण में सहयोग करेंगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अधिक प्रसव भार वाले अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से यह व्यवस्था लागू होगी। साथ ही 24×7 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें 104 जननी एक्सप्रेस सेवा और प्रसव सखी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इससे हाई रिस्क गर्भवतियों को समय पर परिवहन, प्राथमिकता के आधार पर उपचार, बेहतर मार्गदर्शन और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस तरह राज्य सरकार एक ओर आधुनिक आधारभूत ढांचे के विस्तार के माध्यम से नागरिकों की यात्रा को आसान बनाने पर जोर दे रही है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक संवेदनशील, सुरक्षित और जनकेंद्रित बनाकर आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में भी लगातार काम कर रही है।






