खाद पर कोहराम, स्मार्ट मीटर पर संग्राम… कांग्रेस का सरकार पर सीधा हमला टॉप बैंड: “खाद के लिए भटक रहे किसान, स्मार्ट मीटर से त्रस्त जनता” “कांग्रेस का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन” एंकर: बांदा में किसानों की बदहाली और आम जनता की बढ़ती मुश्किलों को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। खरीफ सीजन में खाद की किल्लत और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार पर किसानों और उपभोक्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। वीओ-1: खरीफ की बुआई के बीच किसान यूरिया और डीएपी खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। समितियों और बिक्री केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही। कांग्रेस का कहना है कि अगर समय रहते खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हुई तो फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा। वीओ-2: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिससे गरीब, किसान और मध्यमवर्गीय परिवार आर्थिक संकट में हैं। कांग्रेस ने कहा कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है और बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जानी चाहिए। वीओ-3: कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने, स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। बाइट: राजेश दीक्षित, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, बांदा एक तरफ किसान खाद के लिए परेशान हैं तो दूसरी ओर बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इन मांगों पर कितना गंभीर कदम उठाती है या फिर यह विरोध प्रदर्शन और बड़ा आंदोलन बनता है






