संदीप मौर्य ✍️
कटनी जिले की जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत ग्राम पंचायत छपरा एक बार फिर विवादों में आ गई है। पंचायत के तत्कालीन सचिव विजय कोरी ने अनुसूचित जाति थाना माधवनगर में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके स्थानांतरण के बाद पंचायत भवन में रामायण पाठ, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित कर भवन का “शुद्धिकरण” कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्य उनकी अनुसूचित जाति से संबंधित पहचान के कारण कराया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंची।
शिकायत के अनुसार विजय कोरी का स्थानांतरण 15 जून 2026 को ग्राम पंचायत छपरा से जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत पिपरिया सहलावन कर दिया गया था। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को पंचायत भवन में धार्मिक आयोजन कर भवन का शुद्धिकरण किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
विजय कोरी ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले 7 अप्रैल 2026 को भी उनके साथ जातिगत अपमानजनक व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने थाना स्लीमनाबाद में दर्ज कराई थी। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानांतरण के बाद हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम ने उनके आत्मसम्मान को और अधिक आहत किया है।
शिकायत में सरपंच पति नीरज गुप्ता के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक कटनी तथा राष्ट्रीय एवं राज्य अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई है।





