लॉटरी में नाम फिर भी एडमिशन से इंकार: स्कूल संचालक पर ₹1-1 लाख वसूलने का गंभीर आरोप
जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार की गरीब और असहाय बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना cm राइस योजना (RTE) पर भ्रष्टाचार का ग्रहण लगता नजर आ रहा है। नया मामला जबलपुर के रायपुरा क्षेत्र का है, जहाँ ‘संध्या पायनियर स्कूल’ के संचालक अशोक मिश्रा पर नियमों को ताक पर रखकर एडमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने का संगीन आरोप लगा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि शिक्षा विभाग की आधिकारिक लॉटरी प्रणाली में उनके बच्चों का नाम आने और वे स्कूल के निर्धारित २.५ किलोमीटर के दायरे में रहने के बावजूद उन्हें एडमिशन देने से साफ मना कर दिया गया। जब निराश माता-पिता रोते-बिलखते भाजपा नेताओं के पास पहुँचे, तो इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
कलेक्टर से शिकायत: ‘ऊपर के आदेश’ और ₹1 लाख के खेल की होगी उच्च स्तरीय जाँच
भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक राजेंद्र चौधरी ने वकीलों और पीड़ितों के साथ मिलकर इस मामले की शिकायत जबलपुर कलेक्टर कार्यालय में दर्ज कराई है। राजेंद्र चौधरी ने मीडिया को बताया कि जब उन्होंने स्कूल संचालक से इस नाइंसाफी पर बात की, तो संचालक ने कथित तौर पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ था और उन्होंने शहर के बाहर के ४-५ बच्चों को ₹1-1 लाख लेकर दाखिला दिया है। संचालक ने यह भी दावा किया कि उन्होंने बच्चों के परिजनों से शपथ पत्र ले रखा है, इसलिए वे खुद नहीं फसेंगे। फिलहाल, अपर कलेक्टर नीता राठौर ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए निष्पक्ष जाँच के आदेश दिए हैं।






