मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
सबसे पहले बात शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित हो रहे इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अतिक्रमण की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, विशेष रियायतों के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और शिविरों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही लाभार्थियों की सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
वहीं, आगामी 21 जून को होने वाली नीट री-एग्जाम को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने एनटीए के साथ बेहतर समन्वय, परीक्षा केंद्रों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा गया। राजस्थान के 27 जिलों में 611 केंद्रों पर करीब 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
खरीफ सीजन को लेकर मुख्यमंत्री ने उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारित करने, कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया।
राजधानी जयपुर के विकास, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने शहर को देश के अग्रणी मॉडल शहरों की श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। खुले में कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई, मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा, कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और जनभागीदारी से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून को देखते हुए नालों की समय पर सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी और बेहतर जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने पर जोर दिया। साथ ही राजधानी की एक प्रमुख सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “मॉडल रोड” विकसित करने के निर्देश दिए, जहां आधुनिक नागरिक सुविधाओं, हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का आदर्श मॉडल तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं।






