राजकीय सम्मान के साथ जतारा के पूर्व निर्दलीय विधायक और वरिष्ठ संपादक स्वामी प्रसाद पस्तोर को दी गई अंतिम विदाई
टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश
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टीकमगढ़ जिले के लिधौरा नगर परिषद सहित समूचे बुंदेलखंड के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद रहा। क्षेत्र के वरिष्ठ राजनेता, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी और प्रखर पत्रकार स्वामी प्रसाद पस्तोर का 97 वर्ष की लंबी आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई और उनके अंतिम दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार शाम को जब उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, तो पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। स्वामी प्रसाद पस्तोर का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने न केवल राजनीति में अपनी धाक जमाई, बल्कि पत्रकारिता और समाजसेवा में भी अमिट छाप छोड़ी। वर्ष 1980 के दौर में जब राजनीति में बड़े दलों का वर्चस्व था, तब उन्होंने जतारा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। विधायक के रूप में 1985 तक का उनका कार्यकाल क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहा। वे जिला श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष रघुवीर सहाय पस्तोर के बड़े भाई थे और स्वयं भी लंबे समय तक पत्रकारिता के माध्यम से जनता की आवाज उठाते रहे। पस्तोर केवल सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे एक कुशल लेखक, व्यंग्यकार और संपादक भी थे। उन्होंने ‘ओरछा टाइम्स’ और ‘अर्थबोध’ जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों का संपादन किया और लगभग 25 वर्षों तक भूमि विकास बैंक के चेयरमैन पद की गरिमा बढ़ाई। एक दौर ऐसा भी था जब जिले में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी थी, उस समय उन्होंने एक होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में निःस्वार्थ भाव से ग्रामीणों का उपचार किया तथा उनके अंतिम संस्कार में प्रशासन ओर से राजकीय सम्मान के साथ पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया और कई नेताओं और गणमान्य नागरिकों , जनप्रतिनिधियों ने उन्हें नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की क्षेत्र के लोगों ने स्वामी प्रसाद जी को ऐसे जननायक के रूप में याद किया जिन्होंने हमेशा जनता के लिए आवाज उठाई और समाज के हर वर्ग के व्यक्ति के लिए कार्य किया उन्होंने जीवनकाल सदैव साफ-सुथरी और आदर्शवादी राजनीति को प्राथमिकता दी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।





