कटनी/स्लीमनाबाद : नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत स्लीमनाबाद क्षेत्र में माइक्रो उद्वहन (लिफ्ट एरिगेशन) सिंचाई योजना का कार्य कर रही के.डी.एस. कंपनी प्रा. लि. पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ताज़ा मामला ग्राम गुदरी से सामने आया है, जहां कंपनी के कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के एक किसान की तार बाउंड्री तोड़कर खड़ी फसल में पोकलेन मशीन से नाली की खुदाई कर दी।
खेत मालिक अनिमेष जैन ने बताया पटवारी हल्का ग्राम गुदरी में खसरा नंबर 393/2, 393/1 जो कि मेरा खेत है जिस पर अभी फसल लगी हुई है कंपनी की ओर से न तो कोई सूचना दी गई और न ही मुआवजे की बात हुई। कंपनी की मनमानी से उनकी लगभग 70,000 की फसल बर्बाद हो गई है। खेत की बाउंड्री टूटने से आवारा पशुओं ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया। जैन ने कहा कि अगर कंपनी नुकसान की भरपाई नहीं करती, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
जब उन्होंने मौके पर पहुँचकर प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश सूर्यवंशी से सवाल किया कि बिना अनुमति तार बाउंड्री क्यों तोड़ी और फसल में खुदाई क्यों की, तो उन्होंने यह कहते हुए बात टाल दी कि “यह शासकीय कार्य है और किसानों के हित में किया जा रहा है।”
तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि मध्य प्रदेश सरकार एक और जहां किसान के हित में कार्य करने के दावे ठोक रही है वहीं दूसरी ओर जिन कंपनियों को किसानों के काम करने के लिए दिया जा रहा है वहीं किसानों की फसलों को बर्बाद करने में तुले हुए तो ऐसे में किसानों को न्याय कहां तक मिल पाएगा तो ऐसे में सरकार की कथन और करनी में बहुत अंतर समझ में आ रहा है
मामले की सूचना तहसीलदार सारिका रावत को भी दी गई है। तहसीलदार ने पटवारी व कोटवार को जांच के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, तो सर्वे कराकर कंपनी से उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। इस प्रकार की मनमानी कर किसी भी किसान की फसल को खराब करने का अधिकार नही है।






