सात साल बाद फिर सजी DCM श्रीराम कोटा की भव्य झांकियां, कृष्णमय हुआ कोटा
कोटा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर इस बार आस्था के साथ पुरानी यादों की भी वापसी हुई है। लंबे अंतराल के बाद DCM श्रीराम की ओर से एक बार फिर भव्य जन्माष्टमी झांकियों का आयोजन किया गया।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिसर में सजी इन झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी विभिन्न लीलाओं को आधुनिक तकनीक, विद्युत सजावट और चलित प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।
झांकियों के दर्शन के लिए कोटा के साथ हाड़ौती के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कोरोना के समय से बंद करीब सात साल बाद झांकियों की वापसी हुई है। कोटा की जन्माष्टमी से DCM श्रीराम की भव्य झांकियों की पुरानी परंपरा जुड़ी रही है।
वर्ष 2019 के बाद लंबे अंतराल तक यह आयोजन नहीं हो सका। इस वर्ष दोबारा झांकियां सजने के बाद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
पुरानी पीढ़ी के लिए यह आयोजन बीती यादों को फिर से जीवंत करने वाला रहा, तो बच्चों और नई पीढ़ी के लिए कृष्ण की लीलाओं को करीब से देखने का नया अनुभव बना।
आयोजन स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कृष्ण जन्म से लेकर विभिन्न लीलाओं और राधा-कृष्ण से जुड़े प्रसंगों के साथ नौका विहार की प्रस्तुति भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी।
चलित झांकियों में आधुनिक तकनीक और मोटराइज्ड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
दिन में जहां झांकियों की कलात्मक सजावट आकर्षित करती है, वहीं रात में रंग-बिरंगी रोशनी, संगीत और तकनीकी प्रभावों से पूरा परिसर कृष्णमय नजर आता है।
झांकियों के दर्शन के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया, जबकि बुजुर्ग श्रद्धालु भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन करते नजर आए।
आयोजन के दौरान बारिश ने जरूर परेशानी पैदा की, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
बारिश के बीच भी लोग परिवार के साथ झांकियों के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग कृष्ण भक्ति में नजर आए।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रवेश और भीड़ प्रबंधन के लिए कर्मचारी एवं सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पार्किंग तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भी व्यवस्थाएं रखी गई हैं।
सात साल बाद लौटे इस आयोजन ने कोटा की पुरानी जन्माष्टमी की यादों को भी ताजा कर दिया। जो लोग पहले इन झांकियों को देखा करते थे, वे अब अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचे। एक ही परिसर में पुरानी पीढ़ी की यादें और नई पीढ़ी का उत्साह दिखाई दिया।
अतः : “लंबे अंतराल के बाद DCM श्रीराम की जन्माष्टमी झांकियों की एक बार फिर वापसी हुई है। आधुनिक तकनीक, आकर्षक रोशनी और भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं।






