कान्हा की भक्ति, गोलेश्वर मंदिर में सजी भजन संध्या… बारिश में भी नहीं टूटी श्रद्धालुओं की आस्था
स्लग..2..घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ में बही भक्ति की सरिता, मटकी फोड़ प्रतियोगिता में तीसरी टोली ने मारी बाजी
एंकर..भितरवार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। गोलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में राज्य सरकार के आयोजन के तहत भव्य भजन-संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भजन गायिका दीपिका पुरोहित और भक्ति गायक ईशान मिनोचा की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्ति में सराबोर कर दिया। वहीं कार्यक्रम में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें तीन टोलियों ने हिस्सा लिया। पहली और दूसरी टोली मटकी फोड़ने में नाकाम रही, जबकि तीसरी टोली ने बाजी मारते हुए जीत दर्ज की।
गोलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भजन संध्या में जैसे ही कृष्ण भक्ति के सुर गूंजे, पूरा वातावरण ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा
इसी बीच आयोजित की गई मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में रोमांच भर दिया। प्रतियोगिता में तीन टोलियों ने हिस्सा लिया। पहली और दूसरी टोली मटकी फोड़ने में असफल रही, जबकि तीसरी टोली ने मटकी फोड़कर प्रतियोगिता अपने नाम कर ली।
नगर परिषद की ओर से सभी प्रतिभागी टोलियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
कार्यक्रम के दौरान बारिश ने भी श्रद्धालुओं की परीक्षा ली। नगर परिषद भितरवार की ओर से वॉटरप्रूफ पंडाल की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण भजन संध्या में मौजूद श्रद्धालु बारिश में भीगते नजर आए।
“एक तरफ कृष्ण भक्ति में डूबे श्रद्धालु, तो दूसरी तरफ बारिश से परेशान लोग… गोलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में आस्था का सैलाब तो दिखा, लेकिन पंडाल की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। अब देखना होगा कि आगामी आयोजनों को लेकर नगर परिषद व्यवस्थाओं से क्या सबक लेती है।”
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष, एसडीएम, एसडीओपी सहित नगर के गणमान्य नागरिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे
कुल मिलाकर भितरवार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का रंग जमकर चढ़ा। एक ओर भजनों ने माहौल को भक्तिमय बनाया, तो दूसरी ओर मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने आयोजन में रोमांच भर दिया। बारिश ने जरूर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए, लेकिन श्रद्धालुओं की कृष्ण भक्ति के आगे बारिश भी फीकी नजर आई।





