कार्यवाहक जिलेदार की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती अब दलित महिला कर्मी का उत्पीड़न
पदस्थापना और संबद्धीकरण के नाम पर किया गया अचानक तबादला, अधिकारी भी असहाय नजर आए फतेहपुर यूपी के नलकूप सब डिवीजन तृतीय में कार्यवाहक जिलेदार की नियुक्ति को लेकर प्रयागराज हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बीच अब उक्त कार्यवाहक जिलेदार की कार्यशैली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि उनके द्वारा एक दलित महिला कर्मचारी को लगातार परेशान किया जा रहा है और पदस्थापना एवं संबद्धीकरण के नाम पर उसका बेमौसम तबादला कर दिया गया है । बताया जाता है कि दलित महिला कर्मी नेहा कठेरिया के मामले में जब विभागीय स्तर पर अधिकारियों से हस्तक्षेप की उम्मीद की गई तो सहायक अभियंता नीरज कुमार ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए । वहीं अधिशाषी अभियंता प्रशांत सिंह के स्तर से भी मामले में अब तक कोई प्रभावी हस्तक्षेप नहीं होने की बात सामने आ रही है । इससे विभागीय कर्मचारियों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों के अनुसार, कार्यवाहक जिलेदार कथित तौर पर स्वयं को क्षेत्रीय विधायक का रिश्तेदार बताकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर अपना प्रभाव जमाने का प्रयास करता है । हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है । लेकिन इसका सीधा असर क्षेत्रीय विधायक की छवि पर भी पड़ रहा है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि एक महिला कर्मचारी स्वयं को उत्पीड़ित महसूस कर रही है और उसके स्थानांतरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो विभागीय अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय मौन क्यों हैं ? क्या कार्यवाहक जिलेदार के प्रभाव के सामने विभागीय अधिकारी भी बेबस हो चुके हैं ? कार्यवाहक जिलेदार नवल किशोर पटेल की नियुक्ति को लेकर पहले से ही न्यायालय में मामला विचाराधीन बताए जाने के बाद अब महिला कर्मी से जुड़े आरोपों ने विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं ।






