जिला बलौदा बाजार के विकासखंड भाटापारा अंतर्गत मोपका स्थित महाविद्यालय में पुलिस के द्वारा चलाए गए अनजान जागरूकता अभियान।
मोपका निपानिया महाविद्यालय में साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित “साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के अंतर्गत 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत स्व. रामनाथ वर्मा शासकीय महाविद्यालय मोपका-निपनिया में साइबर जागरूकता कार्यक्रम डॉ. अभिलाषा सैनी के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका पाटले द्वारा कराया गया ।
कार्यक्रम में निपनिया चौकी प्रभारी नविन शुक्ला एवं महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक रोहित लाल देवांगन, राजा राम धुर्वे, नेहा केरकेट्टा, तृप्ति साव, युवराज दीक्षित, भारती साहू एवं छात्राएं उपस्थित रही।
निपनिया चौकी प्रभारी नविन शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों, उनके स्वरूप तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की दी जानकारी। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आज इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग, UPI, सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के मामले भी बढ़ रहे हैं।
साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक एवं मानसिक नुकसान पहुंचाते हैं। विद्यार्थियों को विशेष रूप से ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी KYC अपडेट, OTP फ्रॉड, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, फर्जी लिंक भेजना, QR कोड के माध्यम से ठगी, फर्जी लोन एवं नौकरी के ऑफर, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के प्रति सावधान किया गया। OTP, PIN और पासवर्ड साझा न करने की अपील
पुलिस प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि OTP, ATM PIN, UPI PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या कोई अधिकृत संस्था फोन पर OTP अथवा UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगती।
विद्यार्थियों को अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, मैसेज और ई-मेल के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट में मजबूत पासवर्ड रखने, Two-Factor Authentication का उपयोग करने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, लोकेशन एवं अन्य संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट एवं संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट से सावधान रहने के लिए कहा गया।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई किया जाता है। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराने के बजाय तुरंत इसकी शिकायत करनी चाहिए, क्योंकि शुरुआती समय में की गई शिकायत से ठगी की रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है। संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में बैंक को तत्काल सूचित करने तथा उपलब्ध साक्ष्य जैसे स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, मैसेज, लिंक एवं लेन-देन की जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे साइबर सुरक्षा की जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। विशेष रूप से बुजुर्गों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में साइबर अपराधों के प्रति सजगता, डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने की भावना विकसित हुई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने तथा “साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।






