बागली जनपद के ग्राम भिकुपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से काम कराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है…
जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने गम्भीरता से लेते हुए ठेकेदार और दोषी लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की बात की…
इस वीडियो में कुछ बच्चे स्कूल परिसर में ईंट और मिट्टी ढोते हुए नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
वीडियो सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा केंद्र (बीआरसी) की ओर से विद्यालय के प्रधानाध्यापक हुकुमचंद परमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। प्रधानाध्यापक ने शनिवार को अपना जवाब विभाग को प्रस्तुत कर दिया है।
प्रधानाध्यापक ने अपने जवाब में बताया कि 20 अगस्त को पर्यावरण अध्ययन विषय के तहत बच्चों को पौधे लगाने के लिए क्यारियां बनाने की गतिविधि कराई जा रही थी। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामूहिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना था।
प्रधानाध्यापक ने आरोप लगाया कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने दुर्भावनावश इस गतिविधि का वीडियो बनाकर इसे बच्चों से काम कराने के रूप में गलत तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों द्वारा तैयार की गई क्यारियों में 21 अगस्त को पौधरोपण भी कराया गया। विद्यालय में करीब 100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे कक्षा 5 के विद्यार्थी बताए गए हैं।
मामले में बीआरसी बुरहान बोहरा ने बताया कि प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी किया गया है। पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए एक जांच दल गठित किया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 20 अगस्त को गांव के ही एक युवक ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसके बाद बच्चों से काम कराए जाने को लेकर सवाल उठने लगे थे। अब विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों से कराई गई गतिविधि शैक्षणिक उद्देश्य से जुड़ी थी या स्कूल में विद्यार्थियों से नियमों के विपरीत श्रम कराया गया।





