पद के दुरुपयोग पर ग्राम पंचायत बांक के तत्कालीन सरपंच और सचिव पर FIR दर्ज,वर्तमान सरपंच-सचिव के खिलाफ भी जांच प्रचलित
शिकायतकर्ता बाक पंचायत के रहवासी एव समाजसेवी जाकिर खान की शिकायत पर खुलासा, पुत्र की गाड़ी बिना टेंडर पंचायत में लगाकर सरकारी खजाने से किया भुगतान, तत्कालीन सरपंच, सचिव और उनके बेटे पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त संगठन मध्यप्रदेश के महानिदेशक योगेश देशमुख द्वारा भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर संभाग राजेश सहाय के मार्गदर्शन में बड़ी कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत बांकमें पद का दुरुपयोग कर अपने रिश्तेदार को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सरपंच, सचिव और उनके पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, लोकायुक्त अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सरपंच और सचिव के विरुद्ध भी प्राप्त आवेदन पर जांच प्रचलित है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायतकर्ता जाकिर खान द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम पंचायत बांक के तत्कालीन सचिव प्रहलाद नील ने नियमों को ताक पर रखकर अपने पुत्र धीरज नील के चार पहिया वाहन क्रमांक: MP 10 G 1435 को ग्राम पंचायत में सफाई कार्य के लिए अटैच किया था। तत्कालीन सरपंच और सचिव ने बिना किसी विधिवत स्वीकृति के केवल अपने हस्ताक्षरों से भुगतान का ठहराव प्रस्ताव तैयार किया और शासकीय कोष से लगातार वाहन का किराया भुगतान करते रहे।
जांच में वित्तीय नियमों के गंभीर उल्लंघन का खुलासा
उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उक्त वाहन को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धी बोली, मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के प्रावधानों या ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के किराए पर लगाया गया था। इसके अलावा, वित्तीय नियमों के इस मूल सिद्धांत का भी खुलेआम उल्लंघन किया गया कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ऐसी निर्णय प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकता जिसमें उसका निजी या पारिवारिक हित जुड़ा हो।
वर्तमान सरपंच और सचिव भी लोकायुक्त की रडार पर
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024 में शिकायतकर्ता जाकिर खान द्वारा प्रस्तुत शिकायत की जांच के आधार पर तत्कालीन सरपंच, सचिव और उनके पुत्र पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही वर्तमान सरपंच और वर्तमान सचिव के विरुद्ध भी एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिस पर लोकायुक्त द्वारा सघन जांच प्रक्रिया जारी (प्रचलित) है।





