जालोर जिला मुख्यालय पर स्थित केंद्रीय बस स्टैंड का आलम ये हैं कि करीब वर्षों पूर्व निर्मित बस स्टैंड के चारों तरफ से व अंदर से प्लास्टर गिरना आम बात हैं । उक्त बस स्टैंड नगर परिषद द्वारा संचालित हैं तथा प्रति सवारी के हिसाब से किराया वसूलती हैं ।
बस स्टैंड पर सफाई का नामो निशान नहीं हैं वहीं बस स्टैंड के सामने की दीवार के समीप का पूरा क्षेत्र गंदगी से ग्रस्त हैं तथा भयंकर बदबू मार रहा हैं । बस स्टैंड पर लगे अधिकतर पंखे शौ पीस का काम कर रहे है एवम आमजन गर्मी से त्रस्त हैं ।
बस स्टैंड के अंदर व चारों तरफ गंदगी का आलम हैं । जिधर भी देखो उधर गुटके,कुरकुरे, बिस्किट आदि के पैकेट बिखरे पड़े है साथ ही दीवारें गुटकों की पीक से खराब हो रखी हैं ।
सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से आवारा पशु दिन हो या रात, जब भी देखो तब बस स्टैंड में जमे नजर आते हैं ।
अभी बारिश का मौसम हैं । अतः थोड़ी तेज बारिश होते ही पूरा बस स्टैंड मिनी तालाब का रूप ले लेता हैं, जिसके चलते यात्रियों को भारी असुविधा होती हैं लेकिन यात्रियों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं हैं ।
प्रायः देखा जाये तो पूरा बस स्टैंड गंदगी, अव्यवस्था, सुरक्षा विहीन व जर्जर हालत में हैं ।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर कई बार जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से पुलिस चौकी खोले जाने की गुहार लगाई लेकिन कुंभकरणीय प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा ।
गौरतलब हैं कि बस स्टैंड परिक्षेत्र में चोर, जेबकतरों, छेड़खानी व झगड़े फ़साद करने की आये दिन घटना होती रहती हैं लेकिन स्थायी व्यवस्था के बिना आमजन व यात्रियों को भारी असुविधा हो रही हैं ।






