पांच साल में 85.44 लाख खर्च , फिर भी गंदगी में अव्वल
करचलपुर में सालों से गंदगी और जलभराव, स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रही बदहाल व्यवस्था
पीडब्ल्यूडी की सड़क पर जमा है गंदा पानी और कीचड़ जलनिकासी के नाम पर खर्च रकम पर उठे सवाल
फतेहपुर यूपी के ब्लॉक देवमई की ग्राम पंचायत करचलपुर में बदहाल सफाई और जलनिकासी व्यवस्था ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है । 85.44 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद गांव से गुजरने वाली पीडब्ल्यूडी की सड़क पर वर्षों से ग्राम पंचायत का गंदा पानी और कीचड़ जमा रहने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है । ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते करचलपुर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में जलनिकासी और सफाई व्यवस्था के नाम पर पिछले करीब पांच वर्षों में ग्राम पंचायत के खाते से हर वर्ष लाखों रुपये की धनराशि निकाली गई। इसके बावजूद गांव में जगह-जगह गंदगी, कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गांव के विकास के नाम ग्राम प्रधान और अधिकारी मालामाल हो रहे हैं ।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए ग्राम पंचायत के खातों से निकाली गई धनराशि तथा अभिलेखों में दर्ज कराए गए कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की निगरानी और विकास कार्यों की जिम्मेदारी में ब्लॉक स्तर की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में बीडीओ देवमई की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यदि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के स्तर पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं तो ब्लॉक प्रशासन को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए थी।
करचलपुर की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी और विकास खंड प्रशासन से सड़क पर जमा गंदे पानी की तत्काल निकासी, नालियों की सफाई और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही ग्राम पंचायत के पिछले पांच वर्षों के सफाई, जलनिकासी और अन्य विकास कार्यों के भुगतान एवं अभिलेखों की जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को साफ-सुथरा बनाने का अभियान चला रही है, वहीं करचलपुर में वर्षों से पसरी गंदगी इस अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।






