कांकेर जिल के बान्दे क्षेत्र राधापुर में डीएपी खाद पर बवाल
धान की फसल में ग्रोथ नहीं होने का किसानों का आरोप, खाद की गुणवत्ता पर उठे सवाल
पिव्ही-85 राधापुर क्षेत्र में डीएपी खाद को लेकर किसानों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के साधन विश्वास से खरीदी गई डीएपी खाद को धान की फसल में डालने के बाद फसल में अपेक्षित ग्रोथ देखने को नहीं मिली।
किसानों के अनुसार उक्त खाद महाराष्ट्र से लाकर किसानों को बेचा गया। फसल में अपेक्षित विकास नहीं होने के बाद किसानों ने खाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया है।
महाराष्ट्र से खाद लाकर ग्रामीणों को बेचा गया
ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति महाराष्ट्र से खाद लाकर क्षेत्र में बिक्री करता है और यह व्यक्ति कोई लाइसेंस धारी खाद विक्रेता नहीं है न ही कोई कृषि दुकानदार है
कृषि विभाग ने लिया सैंपल, जांच के लिए भेजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित खाद का सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
अगर प्रयोगशाला जांच में खाद अमानक, मिलावटी अथवा निर्धारित गुणवत्ता के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल खाद को नकली घोषित करना जांच रिपोर्ट आने से पहले उचित नहीं होगा। वास्तविकता प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।
महाराष्ट्र से खाद लाकर क्षेत्र में बिक्री किए जाने का आरोप कितना सही है?
किसानों की फसल में ग्रोथ नहीं होने की वास्तविक वजह क्या है?
इन सभी सवालों का जवाब अब कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट से सामने आएगा |






