एनजीटी के आदेश पर बड़ी कार्रवाई
धातु प्रदूषण मैपिंग के लिए यूपी सरकार ने दिये दो करोड़ 65 लाख का बजट
फतेहपुर और कानपुर में भारी धातु प्रदूषण की मैपिंग के लिए आईआईटी कानपुर को यूपी सरकार ने 2.65 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है । जिसमें क्रोमियम कचरे और भूजल प्रदूषण की सघन जांच के लिए आईआईटी कानपुर के साथ तीन जिला प्रशासन कानपुर नगर व देहात तथा फतेहपुर के बीच दो साल का ऐतिहासिक समझौता हस्ताक्षरित हुआ है । प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को इससे निजात मिलने की उम्मीद दिख रही है । अगर सब कुछ सही रहा तो फतेहपुर के ग्राम गोधरौली , आशापुर , अभयपुर , सिकठियापुरवा आदि से प्रदूषण हट सकता है । इसकी तीखी कहानी कुछ इस प्रकार है
30 साल पहले तीस किलोमीटर की परिधि में कहीं कहीं जमीनी प्रदूषण को छोड़कर भूगर्भ प्रदूषण नहीं था । चौडगरा इंडस्ट्रियल एरिया में कुछ केमिकल कारखाने लगे जिनका कचरा जहां तहां फेंका जाने लगा । गैलेक्सी और मधुचन्द्रा जैसे तमाम कारखानों द्वारा गंदे पानी को बोरवेल में दो तीन दशक तक खपाया गया । जनता आवाज उठाती रही , और नेता आवाज दबाते रहे । सरकार के विधायक , सांसद, मंत्री बड़े बड़े अधिकारी कारखानों में मुख्य अतिथि बनते रहे सभी अपनी जेबें भरते रहे । सरकार सोती रही । जब ग्राम गोधरौली निवासी न्याय मित्र ने अदालती कार्यवाही की तो सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए दो करोड़ 65 लाख का बजट पास कर दिया , बात बहुत कड़वी है लेकिन निंदनीय भी है ।





