जनपद भदोही में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत हानिकारक बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ बुधवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर अभियान में लगाए गए 10 टीकाकरण वाहनों को रवाना किया तथा अभियान की सफलता के लिए पशुपालन विभाग की टीम को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पशुधन किसानों एवं पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। यह रोग अत्यधिक संक्रामक होने के कारण पशुधन उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में प्रत्येक पात्र पशु का समयबद्ध टीकाकरण कराना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा सभी टीमें निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार गांव-गांव पहुंचकर शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल सचान ने जानकारी देते हुए बताया कि टीकाकरण का कार्य पूर्व निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं पशुपालक तक पहुंच बनाकर पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि जब टीकाकरण टीम उनके गांव पहुंचे तो अपने पशुओं को अनिवार्य रूप से टीका लगवाएं तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार चार माह से कम आयु के बछड़ों एवं सात माह से अधिक गर्भित (गर्भवती) पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। अन्य सभी पात्र गोवंश एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, दुग्ध उत्पादन प्रभावित नहीं होता तथा पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें।
उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान टीकाकरण की दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी क्षेत्र में किसी कारणवश कोई पशु टीकाकरण से छूट जाता है तो वहां पुनः टीम भेजकर उसे भी अभियान में शामिल किया जाए।
कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ गीता एवं कर्मचारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने जनपद में एफएमडी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।





