अमृत लाल हत्याकांड, 15 दिन में खुलासे के आश्वासन के बाद धरना स्थगित, 3 साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली
जालोर
आहोर के भैंसवाड़ा निवासी अमृत लाल देवासी हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जालोर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन मंगलवार को स्थगित कर दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मोटाराम ने पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर मामले का खुलासा करने का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने धरने को 15 दिन के लिए टालने का निर्णय लिया।
शिव सेना के नेतृत्व में प्रदर्शन, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
इससे पूर्व, अपने इकलौते बेटे के हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने सोमवार को शिव सेना के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के सामने उग्र प्रदर्शन किया था। परिजनों ने जालोर पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई और कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार दोपहर एएसपी मोटाराम ने धरना स्थल पर पहुंचकर समझाइश की और 15 दिन की मोहलत मांगी।
क्या है पूरा मामला
मृतक अमृत लाल की माता रतीदेवी और पिता चौपाराम के अनुसार: 27 जून 2023 अमृत लाल देवासी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता (गुमशुदा) हुआ था। 28 जून 2023: आहोर के धार तालाब में अमृत लाल का शव संदिग्ध अवस्था में तैरता हुआ मिला।
घटना के तुरंत बाद माता-पिता ने आहोर थाने में हत्या की आशंका जताते हुए लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से लेकर अब तक परिजनों ने न्याय के लिए कई बार थाने और जिला कलेक्ट्रेट के चक्कर काटे, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
जांच में गंभीर लापरवाही
घटना के समय पुलिस को तालाब से मृतक का मोबाइल फोन बरामद हुआ था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल नहीं कर पाई है जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजनों की चेतावनी
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले तीन साल से सिर्फ आश्वासनों के भरोसे जी रहे हैं। यदि इस बार भी पुलिस ने दिए गए 15 दिनों के समय (आश्वासन) में हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो वे एक बार फिर उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने के लिए मजबूर होंगे।






