लिव इन रिलेशन भविष्य,,के दुखद परिणाम अंधेरी गुफा
इन्दौर,
श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में लिव रिलेशनशिप-एक अंधेरी गुफा विषय पर व्याख्यान किया गया जिस में,मुख्य वक्ता वन स्टांफ सेंटर की प्रशासनिक अधिकारी डाक्टर वंचना सिंह परिहार ने बोला समाज भले ही इन रिश्तों को पति पत्नी जैसा दर्ज़ा देने की बात करें एक समय बाद यह संबंध एक अंधेरी गुफा में दुखद भरे परिणाम देखने को मिलते हैं ।
यहां पधारे कई ,सिनियर लेखक साहित्यकार वक्ताओं ने इस विषय पर बारी बारी से प्रश्न भी पूछे , जिस का उत्तर वंचना सिंह परिहार ने देकर बताया ,
पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में आकर आज परिवार टूट रहे हें।
वंचना सिंह ने अपने आज की स्थितियो को देखते हुए बताया कि शादी से पैहले,ही कुछ दिनों से देखा जा रहा है ।की युवक युवती के बीच लिव रिलेशनशिप में रहने के कुछ साल बाद ही आत्महत्या जेसे दुखद परिणाम मानसिक तनाव भी देखने को मिल रहे हें । इस लिए अगर दीर्घकालीन समय के जीवन के लिए अगर समय पर कानूनी पंजीयन अगर समय पर किया जाता है ।तो
ही विवाद की स्थिति में निर्णय लिया जा सकता है ।
डाक्टर मिनाक्षी स्वामी,ने कहा बहुत से युवा विवाह व्यवस्था को नकारकर लिव इन रिलेशनशिप को प्राथमिकता दें रहे जिस का कारण तमाम जिम्मेदारी से बचना होता है ।
आज हुए इस व्याख्यान, कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित हुए लेखक ओर साहित्यकार, अरविंद जवलेकर, अरविंद ओझा,
हरेराम बाजपेयी,अशोक भार्गव,डा,शंकर गर्ग, सहित कई लेखक ओर साहित्यकार,
आभार उमेश पारेख ने माना
अंत में वन स्टाफ सेंटर की प्रशासनिक अधिकारी वंचना सिंह जी का पुष्प मेमोटौ देकर सम्मान किया





