खतौनी में दर्ज सरकारी जमीन और दिया गया मुआवजा दबंगई ऐसी कि खाली नहीं हो पाई जमीन नेशनल हाइवे और राजस्व विभाग की टीम कई बार खाली कराने आई लेकिन नहीं हो सकी बुलडोजर कार्यवाही । प्रस्तुत है बिन्दकी तहसील रिपोर्टर नीलकमल की ये रिपोर्ट । फतेहपुर की तहसील बिन्दकी क्षेत्र में नेशनल हाइवे -19 के सिक्स लेन निर्माण में राजस्व ग्राम औंग की खतौनी में दर्ज गाटा संख्या 782 की सरकारी जमीन का दो करोड़ से धनराशि का भुगतान मुआवजा के रूप में किया गया है । अवैध कब्जाधारकों ने सरकार को यह बताकर गुमराह किया कि यह सभी निर्माण सन 1952 से पूर्व की आबादी में हैं । जबकि 1952 से पूर्व की आबादी हाइवे के फोरलेन निर्माण में ध्वस्त हो चुकी है । और पुनः इसी को आधार बनाकर कब्जाधारकों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से मुआवजा प्राप्त कर लिया है । इसी अधिग्रहीत भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए कई बार टीमें आईं लेकिन वापस हो गई । क्षेत्र में इस बात की चुटकी ली जा रही है कि हाईकोर्ट के वकीलों के चैंबर में बुलडोजर चल सकता है लेकिन औंग में बुलडोजर चलाना किसी के बस की बात नहीं है । नेशनल हाइवे अथॉरिटी के पीडी पंकज यादव ने बताया है कि शासन स्तर से पहले व्यापक जांच की बात कही गई है । जांच के बाद या जमीन खाली कराई जाएगी या फिर सरकारी भूमि पर दी गई पैसे की वसूली की जाएगी ।






