राजस्थान सरकार की दो अहम पहलें आज सुर्खियों में रहीं। एक ओर जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कारगिल विजय दिवस पर आयोजित शौर्य संध्या में देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर राजधानी में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ कर सहकारिता आधारित रोजगार मॉडल को नई दिशा दी।
कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन विजय भारत के शौर्य, पराक्रम और अदम्य राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने टाइगर हिल, द्रास, बटालिक और टोलोलिंग जैसी दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर दुनिया को भारत की ताकत का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता, तेजस लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक सैन्य क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का भारत दुश्मन को उसकी सरज़मीं पर जवाब देने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान के लिए राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का भी उल्लेख किया तथा युवाओं से सेना के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
इसी दिन जयपुर में मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी सेवा का विधिवत शुभारंभ करते हुए 100 से अधिक कैब, बाइक और ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह केवल टैक्सी सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता आधारित ऐसा मॉडल है जिसमें सारथी ही मालिक होगा और उसे अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था में चालकों को पाँच लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा भी मिलेगा तथा जयपुर में सॉफ्ट लॉन्च के बाद 30 हजार से अधिक सारथी और करीब 7 लाख ग्राहक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी सेवा का विस्तार देश के 500 शहरों तक किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि अन्न भंडारण योजना, ई-पैक्स और सहकारी नवाचारों में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
इस तरह एक ओर राजस्थान ने कारगिल के वीरों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया, तो दूसरी ओर सहकारिता और रोजगार के नए मॉडल के जरिए आत्मनिर्भर एवं विकसित राजस्थान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।





